• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

Help
 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

श्रीपुर: Difference between revisions

From जैनकोष

Revision as of 22:46, 17 October 2022 (view source)
Phshah (talk | contribs)
mNo edit summary
← Older edit
Latest revision as of 16:27, 3 March 2024 (view source)
J2jinendra (talk | contribs)
No edit summary
 
(4 intermediate revisions by 2 users not shown)
Line 1: Line 1:


== सिद्धांतकोष से ==
== सिद्धांतकोष से ==
विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर - देखें [[ विद्याधर ]]।
<p class="HindiText">विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर - देखें [[ विद्याधर ]]।</p>


<noinclude>
<noinclude>
Line 13: Line 13:


== पुराणकोष से ==
== पुराणकोष से ==
<div class="HindiText">  <p id="1"> (1) जंबूद्वीप के विजयार्ध पर्वत की दक्षिणश्रेणी का बारहवाँ नगर । लंका की विजय करने के पश्चात् राम ने विराधित विद्याधर को इस नगर का राजा बनाया था । विजयार्ध पर्वत की दक्षिणश्रेणी को उशीरवती नगरी के राजा हिरण्यवर्मा ने इसी नगर में श्रीपाल मुनि के पास जैनेश्वरी दीक्षा ली थी । <span class="GRef"> महापुराण 46.145-146, 216-217,  </span><span class="GRef"> पद्मपुराण 88.39,  </span><span class="GRef"> हरिवंशपुराण 22.94,  </span><span class="GRef"> पांडवपुराण 3.226 </span></p>
<div class="HindiText">  <p id="1" class="HindiText"> (1) जंबूद्वीप के विजयार्ध पर्वत की दक्षिणश्रेणी का बारहवाँ नगर । लंका की विजय करने के पश्चात् राम ने विराधित विद्याधर को इस नगर का राजा बनाया था । विजयार्ध पर्वत की दक्षिणश्रेणी को उशीरवती नगरी के राजा हिरण्यवर्मा ने इसी नगर में श्रीपाल मुनि के पास जैनेश्वरी दीक्षा ली थी । <span class="GRef"> महापुराण 46.145-146, 216-217,  </span><span class="GRef"> [[ग्रन्थ:पद्मपुराण_-_पर्व_88#39|पद्मपुराण - 88.39]],  </span><span class="GRef"> [[ग्रन्थ:हरिवंश पुराण_-_सर्ग_22#94|हरिवंशपुराण - 22.94]],  </span><span class="GRef"> पांडवपुराण 3.226 </span></p>
<p id="2">(2) पुष्कर द्वीप में पूर्व मेरु के सुगंधि देश का एक नगर । यहाँ के राजा का नाम श्रीषेण था । <span class="GRef"> महापुराण 54.8-10, 25, 36 </span></p>
<p id="2" class="HindiText">(2) पुष्कर द्वीप में पूर्व मेरु के सुगंधि देश का एक नगर । यहाँ के राजा का नाम श्रीषेण था । <span class="GRef"> महापुराण 54.8-10, 25, 36 </span></p>
<p id="3">(3) जंबूद्वीप के ऐरावतक्षेत्र का एक नगर । यहाँ का राजा वसुंधर था । <span class="GRef"> महापुराण 69.74 </span></p>
<p id="3" class="HindiText">(3) जंबूद्वीप के ऐरावतक्षेत्र का एक नगर । यहाँ का राजा वसुंधर था । <span class="GRef"> महापुराण 69.74 </span></p>
   </div>
   </div>


Line 26: Line 26:
[[Category: पुराण-कोष]]
[[Category: पुराण-कोष]]
[[Category: श]]
[[Category: श]]
[[Category: प्रथमानुयोग]]
[[Category: करणानुयोग]]
[[Category: करणानुयोग]]

Latest revision as of 16:27, 3 March 2024



सिद्धांतकोष से

विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर - देखें विद्याधर ।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ


पुराणकोष से

(1) जंबूद्वीप के विजयार्ध पर्वत की दक्षिणश्रेणी का बारहवाँ नगर । लंका की विजय करने के पश्चात् राम ने विराधित विद्याधर को इस नगर का राजा बनाया था । विजयार्ध पर्वत की दक्षिणश्रेणी को उशीरवती नगरी के राजा हिरण्यवर्मा ने इसी नगर में श्रीपाल मुनि के पास जैनेश्वरी दीक्षा ली थी । महापुराण 46.145-146, 216-217, पद्मपुराण - 88.39, हरिवंशपुराण - 22.94, पांडवपुराण 3.226

(2) पुष्कर द्वीप में पूर्व मेरु के सुगंधि देश का एक नगर । यहाँ के राजा का नाम श्रीषेण था । महापुराण 54.8-10, 25, 36

(3) जंबूद्वीप के ऐरावतक्षेत्र का एक नगर । यहाँ का राजा वसुंधर था । महापुराण 69.74


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=श्रीपुर&oldid=132506"
Categories:
  • श
  • पुराण-कोष
  • प्रथमानुयोग
  • करणानुयोग
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 3 March 2024, at 16:27.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki