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रत्नरथ: Difference between revisions

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 <p id="1"> (1) विजयार्द्ध पर्वत की दक्षिण-दिशा में स्थित रत्नपुर नगर का राजा । इसकी रानी चन्द्रानना से दामा और मनोरमा दो पुत्रियाँ तथा हरिवेग, मनोवेग और वायुवेग ये तीन पुत्र हुए थे । राम और लक्ष्मण ने इसे युद्ध मे पराजित करके राम ने इसकी श्रीदामा पुत्री को तथा लक्ष्मण ने मनोरमा को विवाहा था । <span class="GRef"> पद्मपुराण 93 1-57 </span></p>
<div class="HindiText">  <p id="1" class="HindiText"> (1) विजयार्द्ध पर्वत की दक्षिण-दिशा में स्थित रत्नपुर नगर का राजा । इसकी रानी चंद्रानना से दामा और मनोरमा दो पुत्रियाँ तथा हरिवेग, मनोवेग और वायुवेग ये तीन पुत्र हुए थे । राम और लक्ष्मण ने इसे युद्ध मे पराजित करके राम ने इसकी श्रीदामा पुत्री को तथा लक्ष्मण ने मनोरमा को विवाहा था । <span class="GRef"> (पद्मपुराण 93 1-57) </span></p>
<p id="2">(2) विद्याधर निम का वंशज एक विद्याधर । यह रत्नवज्र का पुत्र और रत्नचित्र का पिता था । <span class="GRef"> पद्मपुराण 5.16-17 </span></p>
<p id="2" class="HindiText">(2) विद्याधर निम का वंशज एक विद्याधर । यह रत्नवज्र का पुत्र और रत्नचित्र का पिता था । <span class="GRef"> ([[ग्रन्थ:पद्मपुराण_-_पर्व_5#16|पद्मपुराण - 5.16-17]]) </span></p>
<p id="3">(3) भरतक्षेत्र में अरिष्टपुर नगर के राजा प्रियव्रत और रानी पद्मावती का पुत्र । राजा की दूसरी रानी कांचनाभा का पुत्र विचित्ररथ इसका भाई था । इसने श्रीप्रभा को विवाहा था । अन्त मे यह तप करके स्वर्ग में देव हुआ । <span class="GRef"> पद्मपुराण 39. 148-157 </span></p>
<p id="3" class="HindiText">(3) भरतक्षेत्र में अरिष्टपुर नगर के राजा प्रियव्रत और रानी पद्मावती का पुत्र । राजा की दूसरी रानी कांचनाभा का पुत्र विचित्ररथ इसका भाई था । इसने श्रीप्रभा को विवाहा था । अंत मे यह तप करके स्वर्ग में देव हुआ । <span class="GRef"> ([[ग्रन्थ:पद्मपुराण_-_पर्व_39#148|पद्मपुराण - 39.148-157]]) </span></p>
<p id="4">(4) विजयार्ध पर्वत की उत्तरश्रेणी में अलका नगरी के राजा अश्वग्रीव और रानी कनकचित्रा का एक पुत्र । <span class="GRef"> महापुराण 68.58-61 </span></p>
<p id="4" class="HindiText">(4) विजयार्ध पर्वत की उत्तरश्रेणी में अलका नगरी के राजा अश्वग्रीव और रानी कनकचित्रा का एक पुत्र । <span class="GRef"> (महापुराण 68.58-61) </span></p>
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[[Category: पुराण-कोष]]
[[Category: पुराण-कोष]]
[[Category: र]]
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(1) विजयार्द्ध पर्वत की दक्षिण-दिशा में स्थित रत्नपुर नगर का राजा । इसकी रानी चंद्रानना से दामा और मनोरमा दो पुत्रियाँ तथा हरिवेग, मनोवेग और वायुवेग ये तीन पुत्र हुए थे । राम और लक्ष्मण ने इसे युद्ध मे पराजित करके राम ने इसकी श्रीदामा पुत्री को तथा लक्ष्मण ने मनोरमा को विवाहा था । (पद्मपुराण 93 1-57)

(2) विद्याधर निम का वंशज एक विद्याधर । यह रत्नवज्र का पुत्र और रत्नचित्र का पिता था । (पद्मपुराण - 5.16-17)

(3) भरतक्षेत्र में अरिष्टपुर नगर के राजा प्रियव्रत और रानी पद्मावती का पुत्र । राजा की दूसरी रानी कांचनाभा का पुत्र विचित्ररथ इसका भाई था । इसने श्रीप्रभा को विवाहा था । अंत मे यह तप करके स्वर्ग में देव हुआ । (पद्मपुराण - 39.148-157)

(4) विजयार्ध पर्वत की उत्तरश्रेणी में अलका नगरी के राजा अश्वग्रीव और रानी कनकचित्रा का एक पुत्र । (महापुराण 68.58-61)


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