• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

Help
 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

सुनंद: Difference between revisions

From जैनकोष

Revision as of 22:36, 17 November 2023 (view source)
Maintenance script (talk | contribs)
(Imported from text file)
← Older edit
Latest revision as of 15:30, 27 November 2023 (view source)
Maintenance script (talk | contribs)
(Imported from text file)
 
Line 1: Line 1:
<div class="HindiText">  <p id="1">(1) भरतक्षेत्र में हस्तिनापुर नगर के राजा गंगदेव और रानी नंदयशा का पाँचवाँ पुत्र। यह नंदिषेण के भाई के साथ युगल रूप में उत्पन्न हुआ था। इसके गंग, गंगदत्त, गंगरक्षित और नंद बड़े भाई तथा नंदिषेण और निर्नामक छोटे भाई थे। <span class="GRef"> महापुराण 71. 263  </span><span class="GRef"> हरिवंशपुराण 33.141-145 </span></p>
<div class="HindiText">  <p id="1" class="HindiText">(1) भरतक्षेत्र में हस्तिनापुर नगर के राजा गंगदेव और रानी नंदयशा का पाँचवाँ पुत्र। यह नंदिषेण के भाई के साथ युगल रूप में उत्पन्न हुआ था। इसके गंग, गंगदत्त, गंगरक्षित और नंद बड़े भाई तथा नंदिषेण और निर्नामक छोटे भाई थे। <span class="GRef"> महापुराण 71. 263  </span><span class="GRef"> [[ग्रन्थ:हरिवंश पुराण_-_सर्ग_33#141|हरिवंशपुराण - 33.141-145]] </span></p>
<p id="2">(2) वृंदावन का रहने वाला एक गोप। इसकी स्त्री यशोदा थी। बलदेव और वसुदेव ने पालन-पोषण करने के लिए कृष्ण को इसे ही सौंपा था। <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 35.28-29 </span></p>
<p id="2" class="HindiText">(2) वृंदावन का रहने वाला एक गोप। इसकी स्त्री यशोदा थी। बलदेव और वसुदेव ने पालन-पोषण करने के लिए कृष्ण को इसे ही सौंपा था। <span class="GRef"> [[ग्रन्थ:हरिवंश पुराण_-_सर्ग_35#28|हरिवंशपुराण - 35.28-29]] </span></p>
<p id="3">(3) अठारहवें तीर्थंकर अरनाथ का एक असिरत्न। <span class="GRef"> पांडवपुराण 7.21  </span></p>
<p id="3" class="HindiText">(3) अठारहवें तीर्थंकर अरनाथ का एक असिरत्न। <span class="GRef"> पांडवपुराण 7.21  </span></p>
<p id="4">(4) एक यक्ष। इसने लक्ष्मण को ससम्मान सौनंदक तलवार दी थी। <span class="GRef"> महापुराण 68.646 </span></p>
<p id="4" class="HindiText">(4) एक यक्ष। इसने लक्ष्मण को ससम्मान सौनंदक तलवार दी थी। <span class="GRef"> महापुराण 68.646 </span></p>
<p id="5">(5) आगामी दसवें तीर्थंकर का जीव। <span class="GRef"> महापुराण 76.472 </span></p>
<p id="5" class="HindiText">(5) आगामी दसवें तीर्थंकर का जीव। <span class="GRef"> महापुराण 76.472 </span></p>
<p id="6">(6) तीर्थंकर महावीर के पूर्वभव का जीव। <span class="GRef"> [[ग्रन्थ:पद्मपुराण_-_पर्व_20#23|पद्मपुराण - 20.23-24]]  </span></p>
<p id="6" class="HindiText">(6) तीर्थंकर महावीर के पूर्वभव का जीव। <span class="GRef"> [[ग्रन्थ:पद्मपुराण_-_पर्व_20#23|पद्मपुराण - 20.23-24]]  </span></p>
<p id="7">(7) बाईसवें तीर्थंकर नमिनाथ के पूर्वभव के पिता। <span class="GRef"> [[ग्रन्थ:पद्मपुराण_-_पर्व_20#29|पद्मपुराण - 20.29-30]] </span></p>
<p id="7" class="HindiText">(7) बाईसवें तीर्थंकर नमिनाथ के पूर्वभव के पिता। <span class="GRef"> [[ग्रन्थ:पद्मपुराण_-_पर्व_20#29|पद्मपुराण - 20.29-30]] </span></p>
<p id="8">(8) रावण का एक धनुर्धारी योद्धा। यह राम-रावण युद्ध में युद्ध करने गया था। <span class="GRef"> [[ग्रन्थ:पद्मपुराण_-_पर्व_73#171|पद्मपुराण - 73.171]] </span></p>
<p id="8" class="HindiText">(8) रावण का एक धनुर्धारी योद्धा। यह राम-रावण युद्ध में युद्ध करने गया था। <span class="GRef"> [[ग्रन्थ:पद्मपुराण_-_पर्व_73#171|पद्मपुराण - 73.171]] </span></p>
<p id="9">(9) विजयावती नगरी का एक गृहस्थ। इसकी पत्नी रोहिणी तथा अर्हद्दास और ऋषिदास पुत्र थे। <span class="GRef"> [[ग्रन्थ:पद्मपुराण_-_पर्व_123#112|पद्मपुराण - 123.112-115]] </span></p>
<p id="9" class="HindiText">(9) विजयावती नगरी का एक गृहस्थ। इसकी पत्नी रोहिणी तथा अर्हद्दास और ऋषिदास पुत्र थे। <span class="GRef"> [[ग्रन्थ:पद्मपुराण_-_पर्व_123#112|पद्मपुराण - 123.112-115]] </span></p>
   </div>
   </div>



Latest revision as of 15:30, 27 November 2023



(1) भरतक्षेत्र में हस्तिनापुर नगर के राजा गंगदेव और रानी नंदयशा का पाँचवाँ पुत्र। यह नंदिषेण के भाई के साथ युगल रूप में उत्पन्न हुआ था। इसके गंग, गंगदत्त, गंगरक्षित और नंद बड़े भाई तथा नंदिषेण और निर्नामक छोटे भाई थे। महापुराण 71. 263 हरिवंशपुराण - 33.141-145

(2) वृंदावन का रहने वाला एक गोप। इसकी स्त्री यशोदा थी। बलदेव और वसुदेव ने पालन-पोषण करने के लिए कृष्ण को इसे ही सौंपा था। हरिवंशपुराण - 35.28-29

(3) अठारहवें तीर्थंकर अरनाथ का एक असिरत्न। पांडवपुराण 7.21

(4) एक यक्ष। इसने लक्ष्मण को ससम्मान सौनंदक तलवार दी थी। महापुराण 68.646

(5) आगामी दसवें तीर्थंकर का जीव। महापुराण 76.472

(6) तीर्थंकर महावीर के पूर्वभव का जीव। पद्मपुराण - 20.23-24

(7) बाईसवें तीर्थंकर नमिनाथ के पूर्वभव के पिता। पद्मपुराण - 20.29-30

(8) रावण का एक धनुर्धारी योद्धा। यह राम-रावण युद्ध में युद्ध करने गया था। पद्मपुराण - 73.171

(9) विजयावती नगरी का एक गृहस्थ। इसकी पत्नी रोहिणी तथा अर्हद्दास और ऋषिदास पुत्र थे। पद्मपुराण - 123.112-115


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=सुनंद&oldid=130070"
Categories:
  • पुराण-कोष
  • प्रथमानुयोग
  • स
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 27 November 2023, at 15:30.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki