• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

आरंभ

From जैनकोष

Revision as of 11:34, 15 August 2022 by Drsayali (talk | contribs)
(diff) ← Older revision | Latest revision (diff) | Newer revision → (diff)



सिद्धांतकोष से

सर्वार्थसिद्धि अध्याय 6/8/325/4 प्रक्रम आरंभः।

सर्वार्थसिद्धि अध्याय 6/15/333/9 आरंभः प्राणिपीड़ाहेतुर्व्यापारः।

= कार्य करने लगना सो आरंभ है।

(राजवार्तिक अध्याय 6/8/4/514); ( चारित्रसार पृष्ठ 87/5)

प्राणियोंको दुःख पहुँचानेवाली प्रवृत्ति करना आरंभ है।

राजवार्तिक अध्याय 6/15/2/525/25 हिंसनशीलाः हिंस्राः, तेषां हैंस्रम् आरंभ इत्युच्यते।

= हिंसनशील अर्थात् हिंसा करना है स्वभाव जिनका वे हिंस्र कहलाते हैं। उनके ही कार्य हैंस्र कहलाते हैं। उनको ही आरंभ कहते हैं।

प्रवचनसार / तत्त्वप्रदीपिका / गाथा 221 उपधिसद्भावे हि ममत्वपरिणामलक्षयायाः मूर्च्छा यास्तद्विषयकर्मप्रक्रमपरिणामलक्षणस्यारंभस्य...।

= उपाधिके सद्भाव में ममत्व परिणाम जिसका लक्षण है ऐसी मूर्च्छा और उपाधि संबंधी कर्म प्रक्रमके परिणाम जिसका लक्षण है ऐसा आरंभ...।



पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ


पुराणकोष से

(1) आस्रव के तीन भेदों में तीसरा भेद । अपने या दूसरों के कार्यों मे रुचि रख कर करना । इसके छत्तीस भेद होते हैं । हरिवंशपुराण 58.79, 85

(2) परिग्रह― इसकी बहुलता नरक का कारण होती है । महापुराण 10.21-23


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=आरंभ&oldid=92753"
Categories:
  • आ
  • पुराण-कोष
  • प्रथमानुयोग
  • करणानुयोग
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 15 August 2022, at 11:34.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki