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 <p> जैन न्याय के युग संस्थापक आचार्य । इन्होंने शास्‍त्रार्थ करके बौद्धों द्वारा घट में स्थापित माया देवी को परास्त किया था । आचार्य जिनसेन ने इनका नामोल्‍लेख आचार्य देवनन्दी के पश्‍चात् तथा आचार्य शुभचन्द्र ने आचार्य पूज्यपाद के पश्‍चात् किया है । महापुराण 1.53, पांडवपुराण 1.17</p>
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 <p> जैन न्याय के युग संस्थापक आचार्य । इन्होंने शास्‍त्रार्थ करके बौद्धों द्वारा घट में स्थापित माया देवी को परास्त किया था । आचार्य जिनसेन ने इनका नामोल्‍लेख आचार्य देवनन्दी के पश्‍चात्, तथा आचार्य शुभचन्द्र ने आचार्य पूज्यपाद के पश्‍चात् किया है । महापुराण 1.53, पांडवपुराण 1.17</p>
 
   
 
   
  
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जैन न्याय के युग संस्थापक आचार्य । इन्होंने शास्‍त्रार्थ करके बौद्धों द्वारा घट में स्थापित माया देवी को परास्त किया था । आचार्य जिनसेन ने इनका नामोल्‍लेख आचार्य देवनन्दी के पश्‍चात्, तथा आचार्य शुभचन्द्र ने आचार्य पूज्यपाद के पश्‍चात् किया है । महापुराण 1.53, पांडवपुराण 1.17


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