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ज्ञान सरोवर सोई हो भविजन

From जैनकोष

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ज्ञान सरोवर सोई हो भविजन
भूमि छिमा करुना मरजादा, सम-रस जल जहँ होई।।भविजन. ।।
परनति लहर हरख जलचर बहु, नय-पंकति परकारी ।
सम्यक कमल अष्टदल गुण हैं, सुमन भँवर अधिकारी ।।भविजन. ।।१ ।।
संजम शील आदि पल्लव हैं, कमला सुमति निवासी ।
सुजस सुवास कमल परिचयतैं, परसत भ्रम तप नासी ।।भविजन. ।।२ ।।
भव-मल जात न्हात भविजनका, होत परम सुख साता ।
`द्यानत' यह सर और न जानैं, जानैं बिरला ज्ञाता ।।भविजन. ।।३ ।।