Actions

तुम ज्ञानविभव फूली बसन्त, यह मन मधुकर

From जैनकोष

Revision as of 01:58, 16 February 2008 by 76.211.231.33 (talk)
(diff) ← Older revision | Latest revision (diff) | Newer revision → (diff)

तुम ज्ञानविभव फूली बसन्त, यह मन मधुकर
दिन बड़े भये बैराग भाव, मिथ्यातम रजनीको घटाव।।तुम. ।।१ ।।
बहु फूली फैली सुरुचि बेलि, ज्ञाताजन समता संग केलि।।तुम. ।।२।।
`द्यानत' वानी पिक मधुररूप, सुर नर पशु आनँदघन सुरूप।।तुम. ।।३ ।।