• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

अनुभाषण

From जैनकोष

मूलाचार/640-643 कदियम्मं उवचारिय विणओ तह णाण-दंसणचरित्ते । पंचविधविणयजुत्तं विणयसुद्धं हवदि तंतु ।640। अणुभासदि गुरुवयणं अक्खरपदवंजणं कमविसुद्धं घोसविसुद्धी सुद्धं एदं अणुभासणासुद्धं ।641। आदं के उवसग्गे समे य दुब्भिक्खवुत्ति कंतारे । जं पालिदं ण भग्गं एदं अणुपालणासुद्धं ।642। रागेण व दोसेण व मणपरिणामे ण दूसिदं जं तु । तं पुण पच्चाक्खाणं भावविशुद्धं तु णादव्वं ।643। =

  1. सिद्ध भक्ति आदि सहित कायोत्सर्ग तपरूप विनय, व्यवहार-विनय, ज्ञान-विनय, दर्शन व चारित्र-विनय- इस तरह पाँच प्रकार के विनय सहित प्रत्याख्यान वह विनयकर शुद्ध होता है ।640।
  2. गुरु जैसा कहे उसी तरह प्रत्याख्यान के अक्षर, पद व व्यंजनों का उच्चारण करे, वह अक्षरादि क्रम से पढ़ना, शुद्ध गुरु लघु आदि उच्चारण शुद्ध होना वह अनुभाषणा शुद्ध है ।641।
  3. रोग में, उपसर्ग में, भिक्षा की प्राप्ति के अभाव में, वन में प्रत्याख्यान पालन क्रिया भग्न न हो वह अनुपालना शुद्ध है ।642।
  4. शुद्ध प्रत्याख्यान - देखें प्रत्याख्यान - 1.3।


    पूर्व पृष्ठ

    अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=अनुभाषण&oldid=106550"
Categories:
  • अ
  • चरणानुयोग
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 22 December 2022, at 09:54.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki