एकपति

From जैनकोष



स्त्रियों का एक व्रत । इससे वे अपने पति में ही अनुरागी रहती हैं । कुलीन और सुसंस्कृत नारियाँ सहज भाव से इस व्रत का पालन करती है । महापुराण 62.41


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