एषणासमितिव्रत

From जैनकोष



एक व्रत । यह नौ कोटियों से लगने वाले छियालीस दोषों को नष्ट करने के लिए किया जाता है । इसमें चार सौ चौदह उपवास तथा उतनी ही पारणाएँ की जाती है । हरिवंशपुराण 34.108


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