एसोनव

From जैनकोष



कुल समय - 485 दिन; कुल उपवास-405; कुल पारणा-81; विधि-उपरोक्त एसोदसवत् ही है। अंतर इतना है कि वृद्धि व हानि क्रम 1-9 व 9-1 तक जानना। तथा 10 की बजाय 9 बार दुहराना। जाप्य मंत्र-नमोकार मंत्रका तीन बार जाप्य करना। (वर्द्धमान पुराण)। (व्रतविधान संग्रह/पृ. 99)


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