ऐरावण

From जैनकोष



(1) नील पर्वत से साढ़े पाँच सौ योजन दूरी की नदी के मध्य स्थित एक ह्रद । इसकी दक्षिणोत्तर लंबाई पद्मह्रद के समान है । हरिवंशपुराण 5.194

(2) ऐरावत हाथी का दूसरा नाम । पांडवपुराण 2.115


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