• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

कर्तावाद

From जैनकोष

ईश्वरकर्तावाद का निषेध
आप्तपरीक्षा/9/ §51-68/32-49 तनुकरणभुवनादौ निमित्तकारणत्वादीश्वरस्य। न चैतदसिद्धम्,... यत्कार्यं तद् बुद्धिमन्निमित्तकं दृष्टम्, यथा वस्त्रादि। ...नैकस्वभावेश्वरकारणकृतं विचित्रकार्यत्वात्। ...यत्र यदा यथा यत्कार्यमुत्पित्सु तत्र तदा तथा तदुत्पादनेच्छा माहेश्वरस्यैकैव तादृशी समुत्पद्यते। ... ततो नान्वयव्यतिरेकयोर्व्यापकयोरनुपलंभोऽस्ति। = प्रश्न - ईश्वर शरीर, इंद्रिय व जगत् का निमित्त कारण है? उत्तर - नहीं, क्योंकि इनसे पृथक् कोई ईश्वर दिखाई नहीं देता। प्रश्न - वस्त्रादि की भाँति शरीरादि भी किसी बुद्धिमान के बनाये हुए होने चाहिए। उत्तर -भिन्न स्वभाववाले पदार्थ एक स्वभाववाले ईश्वर से उत्पन्न नहीं हो सकते। प्रश्न - यथावसर ईश्वर को वैसी-वैसी इच्छा उत्पन्न हो जाती हैं जो विभिन्न कार्यों को उत्पन्न करती है। उत्तर - इस प्रकार या तो सर्व जगत् में एक ही प्रकार का कार्य होता रहेगा या इच्छा के स्थान से अतिरिक्त अन्य स्थानों में कार्य का अभाव हो जायेगा। प्रश्न - ईश्वरेच्छा के साथ भिन्न क्षेत्रों में रहने-वाली विभिन्न सामग्री के मिल जाने से विभिन्न कार्यों की सिद्धि हो जायेगी? उत्तर - उपरोक्त हेतु में कोई अन्वय व्यतिरेक हेतु सिद्ध नहीं होता।


 ईश्वर कर्तावाद—देखें परमात्मा - 3।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=कर्तावाद&oldid=135565"
Categories:
  • क
  • द्रव्यानुयोग
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 19 February 2025, at 09:27.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki