• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

क्षेत्र - इंद्रिय

From जैनकोष



  1. इंद्रियमार्गणा

प्रमाण

मार्गणा

गुण स्थान

स्वस्थान स्वस्थान           

विहारवत् स्वस्थान           

वेदना व कषाय समुद्घात         

वैक्रियक समुद्घात           

मारणांतिक समुद्घात           

उपपाद 

तैजस, आहारक व केवली समु.

नं. 1 पृ.

नं. 2 पृ.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

321

एकेंद्रिय सामान्य           

 

सर्व      

 

सर्व      

च/असं  

सर्व      

मारणांतिकवत्

 

 

321

एकेंद्रिय सामान्य सू.प.अप.

 

सर्व

 

सर्व

 

सर्व

मारणांतिकवत्

 

 

322

एकेंद्रिय सामान्य बा.प.अप.

 

त्रि/सं,ति×असं,म×असं

 

त्रि/असं,ति×असं,म×असं

पर्याप्तमें च/असं व अप.में×

सर्व

मारणांतिकवत्

 

 

324

विकलेंद्रिय सामान्य           

 

त्रि/असं,ति×असं,म×असं

त्रि/असं,ति×असं,म×असं

त्रि/असं,ति×असं,म×असं

 

त्रि/असं,ति×असं,म×असं

मारणांतिकवत्

 

 

324

विकलेंद्रिय पर्याप्त

 

  —

  —

विकलेंद्रिय सामान्य

  —

  —

  —

 

 

325

विकलेंद्रिय अपर्याप्त           

 

च/असं, म×असं

च/असं, म×असं

च/असं, म×असं

 

त्रि/असं,ति×असं,म×असं

मारणांतिकवत्           

 

 

326

पंचेंद्रिय सामान्य           

 

त्रि/असं,ति×सं,म×असं

त्रि/असं,ति×सं,म×असं

त्रि/असं,ति×सं,म×असं

त्रि/असं,ति×सं,म×असं

त्रि/असं,ति×असं,म×असं

मारणांतिकवत्

मूलोघवत्           

 

326

पंचेंद्रिय पर्याप्त

 

त्रि/असं,ति×सं,म×असं

त्रि/असं,ति×सं,म×असं

त्रि/असं,ति×सं,म×असं

त्रि/असं,ति×सं,म×असं

त्रि/असं,ति×असं,म×असं

मारणांतिकवत्

 

 

326

पंचेंद्रिय अपर्याप्त           

 

च/असं, म×असं

 

च/असं, म×असं

 

त्रि/असं,ति×असं,म×असं

मारणांतिकवत्

 

82-84

 

एकेंद्रिय सर्व विकल्प           

1

  — 

  —

स्व सामान्यवत्

  —

  —

  —

 

85

 

विकलेंद्रिय सर्व विकल्प           

1

  —

  —

स्व सामान्यवत्

  —

  —

  —

 

86

 

पंचेंद्रिय सा.व प.

1

त्रि/असं,ति×सं,म×असं

त्रि/असं,ति×सं,म×असं

त्रि/असं,ति×सं,म×असं

त्रि/असं,ति×सं,म×असं

त्रि/असं,ति×असं,म×असं

मारणांतिकवत्           

 

86

 

 

2-14

  —

—

मूलोघवत्         

  —

  —

  —

 

87

 

पंचेंद्रिय अपर्याप्त           

1

च/असं, म×असं

 

च/असं, म×असं

 

त्रि/असं,ति×असं,म×असं

मारणांतिकवत्

 


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=क्षेत्र_-_इंद्रिय&oldid=113257"
Categories:
  • क्ष
  • करणानुयोग
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 17 April 2023, at 10:30.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki