चमत्कार

From जैनकोष



  1. लौकिक चमत्कारों से विमोहित होना सम्यग्दर्शन का दोष है–देखें अमूढदृष्टि का व्यवहार लक्षण
  2. लौकिक चमत्कारों के प्रति आकर्षित होना लोकमूढता है–देखें मूढता


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