छिन्न

From जैनकोष



अष्टांग निमित्तों में सातवां निमित्त । वस्त्र तथा शस्त्र आदि में किये गये छिद्रों को देखकर निमित्त ज्ञानी फल आदि बताते हैं । यह छिन्न निमित्तज्ञान कहलाता है । महापुराण 62. 181, 189, हरिवंशपुराण 10. 117


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