• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

पिहितास्रव

From जैनकोष



सिद्धांतकोष से

  1. ( हरिवंशपुराण/27/8 ) एक दिगंबर आचार्य;
  2. एक जैन मुनि ( हरिवंशपुराण/27/93 )।
  3. पद्मप्रभ भगवान् के पूर्व भव के गुरु ( हरिवंशपुराण/60/159 )
  4. बुद्धकीर्ति (महात्मा बुद्ध) के गुरु थे। पार्श्वनाथ भगवान् की परंपरा में दिगंबराचार्य थे। ( दर्शनसार/ प्रशस्ति/26 पं. नाथूराम प्रेमी) इनके शिष्य बुद्धकीर्ति ने बौद्धधर्म चलाया था ( दर्शनसार/ मू./6-7)।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ


पुराणकोष से

(1) तीर्थंकर पद्मप्रभ तथा सुपार्श्वनाथ के पूर्वभव के गुरु । पद्मपुराण - 20.25-30, हरिवंशपुराण 60.159

(2) वैजयंत तथा उनके दोनों पुत्र संजयंत और जयंत मुनियों के साथ वि हरिवंशपुराण णशील आचार्य । हरिवंशपुराण 27.5-8.93

(3) अयोध्या के राजा जयवर्मा और रानी सुप्रभा के अजितंजय नामक पुत्र । अगिनंदन स्वामी की वंदना करते हुए इनका पापास्रव रुक गया था । इसी से इसका नाम पिहितास्रव हो गया । मंदिरस्थविर मुनि से ये दीक्षित होकर केवली हुए । चारणचरित वन के अंबरतिलक पर्वत पर इन्होंने निर्नामा का उसके पूर्वभव की बात बताकर भविष्य सुधारने के लिए जिनेंद्र गुणसंपत्ति और श्रुतज्ञानव्रत करने का उपदेश दिया था । महापुराण 6.127-141, 202-203, 7.52,96 प्रभाकरी नगरी के राजा प्रीतिवर्धन ने भी इनको आहार देकर पंचाश्चर्य प्राप्त किये थे । महापुराण 8.202-203 सुसीमा नगर का राजा अपराजित भी इन्हीं से दीक्षित हुआ था । महापुराण 52.3, 13,59.244

(4) विजयभद्र प्रजापति ओर सहस्रायुध के दीक्षागुरु । महापुराण 62. 77, 154, 63.169

(5) पांडवों और बलराम के दीक्षागुरु । पांडवपुराण 22.99


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=पिहितास्रव&oldid=126538"
Categories:
  • प
  • पुराण-कोष
  • प्रथमानुयोग
  • इतिहास
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 27 November 2023, at 15:15.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki