• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

महाहिमवत्

From जैनकोष



(1) छ: कुलाचलों में दूसरा कुलाचल । इसका विस्तार चार हजार दो सौ दस योजन तथा दस कला प्रमाण है । यह पृथिवी से दो सौ योजन ऊपर तथा पचास योजन पृथिवी के नीचे है । इसकी प्रत्यंचा का विस्तार तिरेपन हजार नौ सौ इकतीस योजन तथा कुछ अधिक छ: कला हे । इस प्रत्यंचा के धनुःपृष्ठ का विस्तार सत्तावन हजार दो सौ तिरानवे योजन तथा कुछ अधिक दस अंश है । इसके बाण की चौड़ाई सात हजार आठ सौ चौरानवें योजन तथा चौदह भाग है । चूलिका आठ हजार एक सौ अट्ठाईस योजन तथा साढ़े चार कला प्रमाण । इसकी दोनों भुजाएँ नौ हजार दो सी छिहत्तर योजन तथा साढ़े नौ कला प्रमाण है । इसके आठ फूट हैं-सिद्धायतन, महाहिमवत्, हैमवत, रोहित, ह्री, हरिकांत, हरिवर्ष और वैडूर्य । इन सब कूटों की ऊँचाई पचास योजन है । मूल में इनका विस्तार पचास योजन, मध्य में साढ़े सैंतीस योजन और ऊपर पच्चीस योजन है । महापुराण 63.163, पद्मपुराण - 105.117-158,हरिवंशपुराण - 5.15,हरिवंशपुराण - 5.63-73


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=महाहिमवत्&oldid=127584"
Categories:
  • पुराण-कोष
  • म
  • करणानुयोग
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 27 November 2023, at 15:20.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki