• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

योगसार - चूलिका-अधिकार गाथा 509

From जैनकोष

उपादान कारण बिना कार्य नहीं होता -

दण्ड-चक्र-कुलालादि-सामग्रीसम्भवेsपि नो ।
संपद्यते यथा कुम्भो विनोपादानकारणम् ।।५१०।।

मनो-वचो-वपु:कर्म-सामग्रीसम्भवेsपि नो ।
संपद्यते तथा कर्म विनोपादानकारणम् ।।५११।।

अन्वय : - यथा दण्ड-चक्र-कुलालादि-सामग्रीसम्भवे अपि उपादानकारणं विना कुम्भ: नो सम्पद्यते । तथा मन:वच:वपु:कर्म-सामग्रीसम्भवे अपि उपादानकारणं विना कर्म न सम्पद्यते ।

सरलार्थ :- जिसप्रकार दण्ड, चक्र और कुंभकार आदि निमित्तरूप अनेक प्रकार की कारण सामग्री का सद्भाव होनेपर भी मृत्पिण्डरूप उपादान कारण के बिना कुम्भ/घटरूप कार्य की उत्पत्ति नहीं होती । उसीप्रकार मन-वचन-काय की क्रियारूप निमित्तकारण स्वरूप सामग्री का सद्भाव/अस्तित्व होने पर भी मिथ्यात्व, अविरति आदि कलुषतारूप उपादान कारण के बिना कर्म की उत्पत्ति नहीं होती ।

पिछली गाथा अगली गाथा

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=योगसार_-_चूलिका-अधिकार_गाथा_509&oldid=3695"
Categories:
  • अमितगति आचार्य
  • योगसार : अमितगति आचार्य
  • योगसार - चूलिका-अधिकार : अमितगति आचार्य
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 22 January 2009, at 08:33.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki