• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

रत्नकीर्ति

From जैनकोष



  1. क्षेमकीर्ति (ई. 998) के शिष्य । कृति−आराधनासार की संस्कृत टीका । समय−क्षेमकीर्ति जी के अनुसार ई. 1000-1035 । (आ. सा./प्र. 2/पं. गजाधर लाल) ।
  2. मेघचंद्र के शिष्य, ललितकीर्ति के विद्या शिष्य । कृति−भद्रबाहु चारित्र । समय−वि. 1296, ई. 1239 । (भद्रबाहु चारित्र । प्र. 7 । डॉ. कामता प्रसाद) ।
  3. काष्ठा संघी रामसेन के शिष्य, लक्ष्मणसेन के गुरु । समय−वि. 1456, ई. 1399 । (देखें इतिहास - 7.9), (प्रद्युम्नचारित्र की अंतिम प्रशस्ति); (प्रद्युम्न चारित्र । प्र./प्रेमी जी) ।
  4. भट्टारक अनंतकीर्ति के शिष्य, ललितकीर्ति के गुरु । कृति−भद्रबाहु चारित्र, जिसमें ढूंढिया मत की उत्पत्ति का काल वि. 1527 (ई. 1470) बताया गया है । श्लोक 157-159 । अतः इनका समय−लगभग वि. 1572 (ई. 1515) (ती./3/435) ।
  5. उपदेश सिद्धांत रत्नमाला के रचयिता एक मराठी कवि । समय−ग्रंथ का रचना काल शक 1734, ई. 1812 । (ती./4/322)।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=रत्नकीर्ति&oldid=99618"
Categories:
  • र
  • इतिहास
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 13 October 2022, at 19:02.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki