• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

रश्मिवेग

From जैनकोष



सिद्धांतकोष से

महापुराण/73/

श्लोक पुश्कलावती देश के विजयार्ध पर त्रिलोकोत्तम नगर के राजा विद्युद्गति का पुत्र था । दीक्षा ग्रहण कर सर्वतोभद्र के उपवास ग्रहण किये । एक समय समाधियोग में बैठे हुए इनको पूर्व भव के भाई कमठ के जीव ने अजगर बनकर निगल लिया । (31-25)। यह पार्श्वनाथ भगवान् का पूर्व का छठा भव है। पार्श्वनाथ के अन्य भव व जानकारी के लिए −देखें पार्श्वनाथ ।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ


पुराणकोष से

(1) पुष्पपुर नगर के राजा सूर्यावर्त और रानी यशोधरा का पुत्र। यह चारणऋद्धिधारी मुनि हरिचंद्र से धर्म का स्वरूप सुनकर उन्हीं से दीक्षित हो गया था। शीघ्र ही इसने आकाशचारणऋद्धि भी प्राप्त कर ली थी । कांचनगुहा में एक अजगर ने इसे पूर्व बैरवश निगल लिया था । अत: अंत में संन्यासपूर्वक मरण करके यह कापिष्ठ-स्वर्ग के अर्कप्रभ-विमान मै देव हुआ । महापुराण 59.231-238, हरिवंशपुराण - 27.80-87

(2) रथनूपुर के राजा अमिततेज ने अपने बैरी विद्याधर अशनिघोष को मारने अपने बहनोई विजय के साथ इसे और इसके अन्य भाइयों को भेजा था । महापुराण 62.241, 272-275

(3) जंबूद्वीप के पूर्वविदेहक्षेत्र में पुष्कलावती देश के त्रिलोकोत्तम नगर के राजा विष्णु दुर्गति और रानी विद्युन्माला का पुत्र । यह अपनी युवा अवस्था में ही समाधिगुप्त मुनिराज से दीक्षित हो गया था हिमगिरि की एक गुफा में योग में लीन स्थिति मे एक अजगर इसे निगल गया था। समाधिपूर्वक मरने से यह अच्छत स्वर्ग के पुष्कर-विमान मे देव हुआ । महापुराण 73.25-30


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=रश्मिवेग&oldid=128174"
Categories:
  • र
  • पुराण-कोष
  • प्रथमानुयोग
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 27 November 2023, at 15:21.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki