• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

लक्ष्‍मीमती

From जैनकोष



(1) हस्तिनापुर के राजा सोमप्रभ की रानी । यह जयकुमार की जननी थी । महापुराण 43. 78-79, हरिवंशपुराण - 9.179

(2) हस्तिनापुर के चक्रवर्ती महापद्‌म की रानी । चक्रवर्ती ने इसी रानी के ज्येष्ठ पुत्र पद्‌म को राज्य देकर छोटे पुत्र विष्णुकुमार के साथ दीक्षा ली थी । हरिवंशपुराण - 20.12-14

(3) जम्बूद्वीप के भरतक्षेत्र में मगधदेश के लक्ष्मीग्रामवासी ब्राह्मण सोमदेव की स्त्री । मुनि की निन्दा के फलस्वरूप यह मुनिनिन्दा के सातवें दिन हो उदुम्बर कुष्ठ से पीड़ित हो गयी थी । शरीर से दुर्गन्ध आने लगी थी । अनेक पर्यायों मे भटकने के पश्चात् यही कृष्ण की पटरानी रुक्मिणी हुई । इसका अपर नाम लक्ष्मीमती था । महापुराण 71. 317-341, हरिवंशपुराण - 60.26-31

(4) पाण्डव-युधिष्ठिर की रानी । इसका अपर नाम लक्ष्‍मीमति था । हरिवंशपुराण - 47.18, पांडवपुराण 16.62

(5) रुचकगिरि की दक्षिण दिशा में स्थित रुचककूट की रहने वाली एक देवी । हरिवंशपुराण - 5.701 देखें रुचकवर

(6) जम्‍बूद्वीप के पूर्व विदेहक्षेत्र में रत्‍नसंचयनगर के राजा क्षेमंकर के पुत्र वज्रायुध की रानी । यह सहस्रायुध की जननी थी । महापुराण 63. 37-39, 44-45

(7) भरतक्षेत्र में चक्रपुर नगर के राजा वरसेन की रानी । यह नारायण पुण्डरीक की जननी थी । महापुराण 65.174-177

(8) विदेहक्षेत्र में पुण्डरीकिणी नगरी के राजा वज्रदन्त की रानी । श्रीमती इसी की पुत्री थी । महापुराण 6.58-60

(6) वाराणसी नगरी के राजा अकम्पन और रानी सुप्रभादेवी की दूसरी पुत्री । इसका अपर नाम अक्षमाला था जो अर्ककीर्ति को दी गयी थी । महापुराण 43. 124, 127, 131, 136, 45.21, 29


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=लक्ष्‍मीमती&oldid=128313"
Categories:
  • पुराण-कोष
  • ल
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 27 November 2023, at 15:21.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki