• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • वर्णीजी-प्रवचन
  • Discussion
  • View source
  • View history

वर्णीजी-प्रवचन

वर्णीजी-प्रवचन:भावपाहुड - गाथा 39

From जैनकोष



पित्तंतमुत्तफेफसकालिज्जयरुहिरखरिसकिमि जाले ।

उयरे वसिओसि चिरं णवदसमासेहिं पत्तेहिं ।।39।।

(65) जीवों का अशुचि गर्भ में आवास―हे मुने ! तू ऐसे अशुचि उदर में 8-10 महीने । बसकर रहा है । मां के पेट से निकला तो यह तो निकलना कहलाया, मगर जन्म तो तब ही से कहलाया जब से मां के उदर में यह जीव आया । सो कोई 8 माह, कोई 9 माह, कोई 10 माह, इस प्रकार गर्भ में रहता हो सो वहाँ कैसी जगह रहा, जो कि सुनने में भी एक रोमांच करता है । फिर रहने की बात का तो कहा ही क्या जाये? वह उदर मलिन अपवित्र है जिसमें चित्त की मलिनता, आंतड़ियों से भरा हुआ जहाँ मूत्र का झरना, रुधिर का झरना है, रुधिर न हो, मेद फूल जाये, ऐसा फेफसका होना है और जिस पेट में कलेजा रहता है याने दक्षिण भाग में जल का आधारभूत जो मांस की थैली है सो उस कलेजे में यह जीव बसा । रुधिर और बहुतसा अपक्व मैला उससे मिला रहा और कफ रुधिर आदिक, लट आदिक जीवों के समूह ये सब जहाँ पाये जायें, ऐसे पेट में तू 8-9 माह बसा । तो इस देह से तू क्या मोह रखता है? यह देह ही दुःखरूप है । इसके ही कारण नाना जन्ममरण करने पड़ते हैं, सो ये ही सब कष्ट हैं, उन कष्टों से तू हट और अपने अविकार ज्ञानस्वरूप को निरख ।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

अनुक्रमणिका

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=वर्णीजी-प्रवचन:भावपाहुड_-_गाथा_39&oldid=81943"
Categories:
  • भावपाहुड
  • प्रवचन
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 17 May 2021, at 11:56.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki