• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in
Shivir Banner

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

विपुलवाहन

From जैनकोष



(1) तीर्थंकर अभिनंदननाथ के पूर्वभव का नाम । पद्मपुराण - 20.18

(2) तीर्थंकर कुंथुनाथ के पूर्वभव के पिता । पद्मपुराण - 20.28

(3) मेरु पर्वत की पूर्व दिशा में स्थित क्षेमपुरी नगरी का राजा । इसकी रानी पद्मावती तथा पुत्र श्रीचंद्र था । पद्मपुराण - 106.75-76

(4) सातवें कुलकर । बड़े-बड़े हाथियों को वाहन बनाकर उन पर अत्यधिक क्रीडा करने से इन्हें इस नाम से संबोधित किया गया था । इनके पिता कुलकर सीमंधर थे । कुलकर चक्षुष्मान् इनका पुत्र था । ये पल्य के करोड़वें भाग जीवित रहकर स्वर्ग गये थे । महापुराण में इन्हें विमलवाहन नाम दिया है । ये पद्म प्रमाण आयु के धारक थे । शरीर की ऊंचाई सात सौ धनुष थी । इन्होंने हाथी, घोड़ा आदि सवारी के योग्य पशुओं पर कुमार, अंकुश, पलान, तोबरा आदि का उपयोग कर सवारी करने का उपदेश दिया था । पद्मपुराण - 3.116-119 हरिवंशपुराण - 7.155-157, पांडवपुराण 2.106


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=विपुलवाहन&oldid=128860"
Categories:
  • पुराण-कोष
  • व
  • प्रथमानुयोग
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 27 November 2023, at 15:21.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki