• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

शिशुपाल

From जैनकोष



सिद्धांतकोष से

  1. इसके साथ पहले रूक्मिणी का संबंध हो गया था। (हरिवंशपुराण/46/53) कृष्ण द्वारा रुक्मिणी के हर लिये जाने पर युद्ध में मारा गया। (हरिवंशपुराण/42/94)
  2. पाटली पुत्र का राजा था। (वी.नि.3) के पश्चात् इसके चतुर्मुख नाम का पुत्र हुआ, जो कि अत्याचारी होने से कल्की सिद्ध हुआ। (महापुराण/76/400)
  3. मगध देश की राज्य वंशावली के अनुसार यह राजा इंद्र का पुत्र व चतुर्मुख (कल्कि) का पिता था। यद्यपि इसे कल्कि नहीं बताया गया है, परंतु जैसा कि वंशावली में बताया गया है यह भी अत्याचारी व कल्की था। हूणवंशी तोरमाण ही शिशुपाल है।
    समय - वी.नि.100-1033 (ई.474-507) विशेष - देखें इतिहास - 3.4।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ


पुराणकोष से

  1. कौशल नगरी के राजा भेषज और रानी मद्री का पुत्र । इसके तीन नेत्र थे । किसी निमित्तज्ञानी ने बताया था कि जिसके देखने से इसका तीसरा नेत्र नष्ट हो जावेगा वही इसका हंता होगा । एक बार इसके माता-पिता इसे लेकर कृष्ण के पास गये । वहाँ कृष्ण के प्रभाव से इसका तीसरा नेत्र अदृश्य हो गया । यह घटना घटते ही इसकी माता को कृष्ण के द्वारा पुत्र-मरण की आशंका हुई । उसने कृष्ण से पुत्रभिक्षा मांगी । कृष्ण ने भी सौ अपराध होने पर ही इसे मारने का वचन दिया । इसने अहंकारी होकर कृष्ण के विरुद्ध सौ अपराध कर लिये थे । इसके पश्चात् जांबवती को पाने के लिए कृष्ण और इसके बीच युद्ध हुआ । इस युद्ध में यह कृष्ण द्वारा मारा गया । (महापुराण 71. 342-357), (हरिवंशपुराण - 42.56, 94, 50. 24), (पांडवपुराण 12. 9-13)

  2. पाटलिपुत्र नगर का राजा । यह प्रथम कल्की का पिता था । (महापुराण 76.398-399)


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=शिशुपाल&oldid=129399"
Categories:
  • श
  • प्रथमानुयोग
  • इतिहास
  • पुराण-कोष
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 27 November 2023, at 15:25.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki