षोडशकारण

From जैनकोष



तीर्थंकर प्रकृति की बंध-हेतु सोलह भावनाएँ । महापुराण 7. 88, 11. 68-78, पद्मपुराण 2.192, हरिवंशपुराण 39.1 देखें भावना


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