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जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

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स्थितिबंध प्ररूपणा

From जैनकोष

  1. मूलोत्तर प्रकृतियों की जघन्योत्कृष्ट आबाधा, व स्थिति तथा उनका स्वामित्व
    1. ज्ञानावरणीय
    2. दर्शनावरणीय
    3. वेदनीय
    4. मोहनीय
    5. आयु
    6. नाम
    7. गोत्र
    8. अंतराय
  2. इंद्रिय मार्गणा की अपेक्षा प्रकृतियों का उत्कृष्ट, जघन्य स्थिति की सारणी
  3. उत्कृष्ट व जघन्य स्थिति, प्रदेश व अनुभाग के बंधकों की प्ररूपणा
  4. अन्य प्ररूपणाओं संबंधी सूची



स्थितिबंध प्ररूपणा-

1. मूलोत्तर प्रकृतियों की जघन्योत्कृष्ट आबाधा, व स्थिति तथा उनका स्वामित्व-( तत्त्वार्थसूत्र/8/14-30 ), (मू.आ./1237-1239), ( पंचसंग्रह / प्राकृत/4/392-440 ), (पं.सं./सं./4/199-257), (शतक/54-64), ( धवला 6/146-198 ), ( धवला 12/490-497 ), ( महाबंध/2/24/17 ), ( गोम्मटसार कर्मकांड/128-133,139-140,129-132,140-141 ), ( गोम्मटसार कर्मकांड / जीवतत्त्व प्रदीपिका/252/519/2 ), ( तत्त्वसार/5/43-46 ) संकेत– * =पल्य/असं.से हीन

क्र. प्रकृति उत्कृष्ट जघन्य
काल स्वामित्व काल स्वामित्व
धवला 6/ पृ. धवला 12/ पृ. आबाधा स्थिति पंचसंग्रह / प्राकृत/ गा. गुणस्थान विवरण धवला 6/ पृ. गोम्मटसार मूल आबाधा स्थिति धवला 6/ पृ. पंचसंग्रह/प्राकृत/गाथा विवरण
सहस्र वर्ष को.को.सागर
(1) ज्ञानावरणीय-
मूल 486 3 30 432 1 चारों गति उत.व मध्य संक्लेश गो.मू. अंतर्मुहूर्त अंतर्मुहूर्त 433 सूक्ष्म सांपराय
1-5 पाँचों 146 486 3 30 1 1 चारों गति उत. व मध्य संक्लेश 182 अंतर्मुहूर्त अंतर्मुहूर्त 183 433 सू.सा.क्षपक का अंतिम समय
(2) दर्शनावरणीय-
क्र. प्रकृति धवला 6/ पृ. धवला 12/ पृ. आबाधा स्थिति पंचसंग्रह / प्राकृत/ गा. गुणस्थान विवरण धवला 6/ पृ. गोम्मटसार मूल आबाधा स्थिति धवला 6/ पृ. पंचसंग्रह/प्राकृत/गाथा विवरण
1 मूल 486 3 30 1 1 चारों गति उत. व मध्य संक्लेश गो.मू. अंतर्मुहूर्त अंतर्मुहूर्त 433 सूक्ष्म सांपराय
1 निद्रानिद्रा 146 3 30 1 1 चारों गति उत. व मध्य संक्लेश 184 गो.मू. अंतर्मुहूर्त 3/7सा* 184 434 सर्व विशुद्ध बादर एकेंद्रिय पर्याप्त
2 प्रचलाप्रचला 146 3 30 1 1 चारों गति उत. व मध्य संक्लेश 184 अंतर्मुहूर्त 3/7सा* 184 434 सर्व विशुद्ध बादर एकेंद्रिय पर्याप्त
3 स्त्यानगृद्धि 146 3 30 1 1 चारों गति उत. व मध्य संक्लेश 184 अंतर्मुहूर्त 3/7सा* 184 434 सर्व विशुद्ध बादर एकेंद्रिय पर्याप्त
4 निद्रा 146 3 30 1 1 चारों गति उत. व मध्य संक्लेश 184 अंतर्मुहूर्त 3/7सा* 184 434 सर्व विशुद्ध बादर एकेंद्रिय पर्याप्त
5 प्रचला 146 3 30 1 1 चारों गति उत. व मध्य संक्लेश 184 अंतर्मुहूर्त 3/7सा* 184 434 सर्व विशुद्ध बादर एकेंद्रिय पर्याप्त
6 चक्षुद. 146 3 30 1 1 चारों गति उत. व मध्य संक्लेश 182 अंतर्मुहूर्त अंतर्मुहूर्त 183 433 सू.सा.क्षपक का अंतिम समय
7 अचक्षुद. 146 3 30 1 1 चारों गति उत. व मध्य संक्लेश 182 अंतर्मुहूर्त अंतर्मुहूर्त 183 433 सू.सा.क्षपक का अंतिम समय
8 अवधिद. 146 3 30 1 1 चारों गति उत. व मध्य संक्लेश 182 अंतर्मुहूर्त अंतर्मुहूर्त 183 433 सू.सा.क्षपक का अंतिम समय
9 केवलद. 146 3 30 1 1 चारों गति उत. व मध्य संक्लेश 182 अंतर्मुहूर्त अंतर्मुहूर्त 183 433 सू.सा.क्षपक का अंतिम समय
(3) वेदनीय-
1 मूल 3 30 432 1 चारों गति उत. व मध्य संक्लेश 182 गो.मू. अंतर्मुहूर्त 12 मुहूर्त 183
1 साता 158 487 1 15 432 1 चारों गति उत. व मध्य संक्लेश 185 अंतर्मुहूर्त 12 मुहूर्त 186 433 सू.सा.क्षपक का अंतिम समय
2 असाता 146 487 3 30 432 1 चारों गति उत. व मध्य संक्लेश 184 अंतर्मुहूर्त 3/7सा.* 184 434 सर्वविशुद्ध वा.एकेंद्रि.पर्याप्त
(4) मोहनीय-
क्र. प्रकृति धवला 6/ पृ. धवला 12/ पृ. आबाधा स्थिति पंचसंग्रह / प्राकृत/ गा. गुणस्थान विवरण धवला 6/ पृ. गोम्मटसार मूल आबाधा स्थिति धवला 6/ पृ. पंचसंग्रह/प्राकृत/गाथा विवरण
मूल 7 70 432 1 (विशेष देखें स्थिति - 4.3) अंतर्मुहूर्त अंतर्मुहूर्त 434 अनिवृत्तिकरण बादर संपराय
दर्शनमोहनीय-
1 मिथ्यात्व प्रकृति 160 490 7 70 432 1 चारों गति में उ.व म.संक्लेश 186 अंतर्मुहूर्त 1/7सा.* 187 434 सर्वविशुद्ध बा. एकेंद्रिय प.
2 सम्यक्त्व प्रकृति/td> 7 70 432 1 चारों गति में उ.व म.सत्त्व 187 अंतर्मुहूर्त 1/7सा.* 434 x
3 सम्यग्मिथ्यात्व 7 70 432 1 चारों गति में उ.व म.सत्त्व 187 अंतर्मुहूर्त 1/7सा.* 434 x
चारित्र मोहनीय-
क्र. प्रकृति धवला 6/ पृ. धवला 12/ पृ. आबाधा स्थिति पंचसंग्रह / प्राकृत/ गा. गुणस्थान विवरण धवला 6/ पृ. गोम्मटसार मूल आबाधा स्थिति धवला 6/ पृ. पंचसंग्रह/प्राकृत/गाथा विवरण
मूल 4 40 432 1 चारों गति में उ.व म.सत्त्व
1-4 अनंतानुबंधी चतुष्क 160 490 4 40 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 187 अंतर्मुहूर्त 4/7 सा. 188 434 सर्व विशुद्ध बा.एकेंद्रिय प.
8 अप्रत्याख्यान चतुष्क 160 490 4 40 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 187 अंतर्मुहूर्त 4/7 सा. 188 434 सर्व विशुद्ध बा.एकेंद्रिय प.
12 प्रत्याख्यान चतुष्क 160 490 4 40 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 187 अंतर्मुहूर्त 4/7 सा. 188 434 सर्व विशुद्ध बा.एकेंद्रिय प.
13 संज्वलन क्रोध 160 490 4 40 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 188 गो./140 अंतर्मुहूर्त 2 मास 188 433 अनिवृत्तिकरण क्षपक
14 संज्वलन मान 160 490 4 40 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 188 गो./140 अंतर्मुहूर्त 1 मास 433 अनिवृत्तिकरण क्षपक
15 संज्वलन माया 160 490 4 40 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 188 गो./140 अंतर्मुहूर्त 1 पक्ष 433 अनिवृत्तिकरण क्षपक
16 संज्वलन लोभ 160 490 4 40 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 188 गो./140 अंतर्मुहूर्त अंतर्मुहूर्त 183 433 (सूक्ष्म सांपराय मू.आ.)
नोकषाय-
क्र. प्रकृति धवला 6/ पृ. धवला 12/ पृ. आबाधा स्थिति पंचसंग्रह / प्राकृत/ गा. गुणस्थान विवरण धवला 6/ पृ. गोम्मटसार मूल आबाधा स्थिति धवला 6/ पृ. पंचसंग्रह/प्राकृत/गाथा विवरण
1 हास्य 162 490 1 10 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एकेंद्रिय प.
2 रति 162 490 1 10 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एकेंद्रिय प.
3 अरति 163 490 2 20 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एकेंद्रिय प.
4 शोक 163 490 2 20 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एकेंद्रिय प.
5 भय 163 490 2 20 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एकेंद्रिय प.
6 जुगुप्सा 163 490 2 20 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एकेंद्रिय प.
7 स्त्री वेद 158 490 1 15 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एकेंद्रिय प.
8 पुरुष वेद 162 490 1 10 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 189 गो./140 8 वर्ष 433 अनिवृत्तिकरण क्षपक
9 नपुंसक वेद 163 490 2 20 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 190 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एकेंद्रिय प.
(5) आयु-
क्र. प्रकृति धवला 6/ पृ. धवला 12/ पृ. आबाधा स्थिति पंचसंग्रह / प्राकृत/ गा. गुणस्थान विवरण धवला 6/ पृ. गोम्मटसार मूल आबाधा स्थिति धवला 6/ पृ. पंचसंग्रह/प्राकृत/गाथा विवरण
मूल गो.मू. 1/3पू.को. 33 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश गो./140 अंतर्मुहूर्त अंतर्मुहूर्त 434 कर्मभूमिज मनुष्य तिर्यंच
1 नरकायु 166 1/3पू.को. 33 431 1 मनुष्य व संज्ञी प.पंचे. 193 गो./140 अंतर्मुहूर्त 10,000वर्ष 193 434 मि.संज्ञी पंचे.ति.संक्लेश परिणत या सर्वविशुद्ध संज्ञी पंचे.प.।
2 तिर्यंचायु 169 1/3पू.को. 3 पल्य 431 1 मनु.व संज्ञी प.पंचे. 193 गो./140 अंतर्मुहूर्त क्षुद्रभव 434 कर्मभूमिया मनुष्य व तिर्यंच संक्लेश युक्त
3 मनुष्यायु 169 1/3पू.को. 3 पल्य 431 1 मनु.व संज्ञी प.पंचे. 193 गो./140 अंतर्मुहूर्त क्षुद्रभव 434 कर्मभूमिया मनुष्य व तिर्यंच संक्लेश युक्त
4 देवायु 166 1/3पू.को. 33 सा. 427 6 प्रमत्त संयत 193 गो./140 अंतर्मुहूर्त 10,000वर्ष 193 434 संज्ञी व असंज्ञी तिर्यंच
440 सर्वविशुद्ध असंज्ञी तिर्यंच या संक्लेशयुक्त संज्ञी पर्याप्त
(6) नाम-
क्र. प्रकृति धवला 6/ पृ. धवला 12/ पृ. आबाधा स्थिति पंचसंग्रह / प्राकृत/ गा. गुणस्थान विवरण धवला 6/ पृ. गोम्मटसार मूल आबाधा स्थिति धवला 6/ पृ. पंचसंग्रह/प्राकृत/गाथा विवरण
मूल 2 20 1 गो./140 अंतर्मुहूर्त 8 मुहूर्त
गति-
नरक 163 492 2 20 431 1 मनु.व ति.संज्ञी प.पंचें. 194 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 194 434 संक्लेशयुक्त असंज्ञी पंचें.प.
तिर्यंच 163 492 2 20 431 1 देव, नारकी 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
मनुष्य 158 493 1 15 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
देव 162 493 1 10 431 1 मनु.व ति.संज्ञी पं.प. 194 अंतर्मुहूर्त 2/7सा. 194 434 सर्व विशुद्ध असंज्ञी पंचे.
2 जाति-
एकेंद्रिय 163 492 2 20 431 1 ईशान देव 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
द्वींद्रिय 172 493 1 18 431 1 मनु.,ति.पं.प. 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
त्रींद्रिय 172 493 1 18 431 1 मनु.,ति.पं.प. 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
चतुरिंद्रिय 172 493 1 18 431 1 मनु.,ति.पं.प. 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
पंचेंद्रिय 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उत्तम मध्यम संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा. 192 434
3 शरीर, बंधन, संघात-
क्र. प्रकृति धवला 6/ पृ. धवला 12/ पृ. आबाधा स्थिति पंचसंग्रह / प्राकृत/ गा. गुणस्थान विवरण धवला 6/ पृ. गोम्मटसार मूल आबाधा स्थिति धवला 6/ पृ. पंचसंग्रह/प्राकृत/गाथा विवरण
औदारिक 163 2 20 431 1 देव, नारकी 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
वैक्रियक 163 2 20 431 1 मनु.व ति.संज्ञी पं.प. 194 अंतर्मुहूर्त 2/7सा. 194 434 सर्व विशुद्ध असंज्ञी पंचें.
आहारक 174 495 अंत. अंत. 427 7 अप्रमत्त 197 गो./140 अंतर्मुहूर्त अंत को.को.सा. 197 433 अपूर्वकरण क्षपक के 1-7 भाग तक
तैजस 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
कार्मण 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
4 अंगोपांग-
औदारिक 163 492 2 20 431 1 देव, नारकी 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
वैक्रियक 163 492 2 20 431 1 मनु.व ति.संज्ञी पं.प. 194 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 194 434 सर्व विशुद्ध असंज्ञी पंचें.
आहारक 174 गो.मू.आ. अंत. अंतर्मुहूर्त 427 7 अप्रमत्त 197 अंतर्मुहूर्त अंत को.को.सा. 197 433 अपूर्वकरण क्षपक के 1-7 भाग तक
5 निर्माण- 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
6 बंधन - - - - - - शरीरवत् - - - - - -
7 संघात - - - - - - शरीरवत् - - - - - -
8 संस्थान-
क्र. प्रकृति धवला 6/ पृ. धवला 12/ पृ. आबाधा स्थिति पंचसंग्रह / प्राकृत/ गा. गुणस्थान विवरण धवला 6/ पृ. गोम्मटसार मूल आबाधा स्थिति धवला 6/ पृ. पंचसंग्रह/प्राकृत/गाथा विवरण
समचतुरस्र 162 493 1 10 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 433 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
न्यग्रोध परिमंडल 177 493 1 12 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 433 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
स्वाति 178 493 1 14 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 433 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
कुब्जक 179 493 1 16 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 433 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
वामन 172 493 1 18 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 433 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
हुंडक 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 433 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
9 संहनन-
क्र. प्रकृति धवला 6/ पृ. धवला 12/ पृ. आबाधा स्थिति पंचसंग्रह / प्राकृत/ गा. गुणस्थान विवरण धवला 6/ पृ. गोम्मटसार मूल आबाधा स्थिति धवला 6/ पृ. पंचसंग्रह/प्राकृत/गाथा विवरण
वज्रऋषभ-नाराच 162 493 1 10 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 433 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
वज्रनाराच 177 493 1 12 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 433 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
नाराच 178 493 1 14 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 433 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
अर्धनाराच 179 493 1 16 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
कीलित 172 493 1 18 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
असंप्राप्तसृपाटिका 163 492 2 20 431 1 देव, नारकी 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
10 स्पर्श (आठों) 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
11 रस (पाँचों) 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
12 गंध (दोनों) 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
13 वर्ण (पाँचों) 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
14 आनुपूर्वी-
क्र. प्रकृति धवला 6/ पृ. धवला 12/ पृ. आबाधा स्थिति पंचसंग्रह / प्राकृत/ गा. गुणस्थान विवरण धवला 6/ पृ. गोम्मटसार मूल आबाधा स्थिति धवला 6/ पृ. पंचसंग्रह/प्राकृत/गाथा विवरण
नरक 163 492 2 20 431 1 मनु.व ति.संज्ञी पं.प. 194 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 194 434 संक्लेश युक्त असंज्ञी पंचें.प.
तिर्यंच 163 492 2 20 431 1 देव, नारकी 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
मनुष्य 158 493 1 15 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
देव 162 493 1 10 431 1 मनु.व ति.संज्ञी पं.प. 194 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 194 434 सर्वविशुद्ध असंज्ञी पंचे.प.
15 अगुरुलघु 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
16 उपघात 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
17 परघात 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
18 आतप 163 492 2 20 431 1 ईशान देव 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
19 उद्योत 163 492 2 20 431 1 देव, नारकी 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
20 उच्छ्वास 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
21 विहायोगति-
क्र. प्रकृति धवला 6/ पृ. धवला 12/ पृ. आबाधा स्थिति पंचसंग्रह / प्राकृत/ गा. गुणस्थान विवरण धवला 6/ पृ. गोम्मटसार मूल आबाधा स्थिति धवला 6/ पृ. पंचसंग्रह/प्राकृत/गाथा विवरण
प्रशस्त 162 493 1 10 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
अप्रशस्त 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
22 प्रत्येक 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
23 साधारण 172 493 1 18 431 1 मनु.व ति.संज्ञी पं.प. 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
24 त्रस 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
25 स्थावर 163 492 2 20 431 1 ईशान देव 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
26 सुभग 162 493 1 10 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
27 दुर्भग 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
28 सुस्वर 162 493 1 10 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
29 दु:स्वर 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
30 शुभ 162 493 1 10 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
31 अशुभ 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
32 सूक्ष्म 172 493 1 18 431 1 मनु.व संज्ञी तिलोयपण्णत्ति 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
33 बादर 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 20 सा. 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
क्र. प्रकृति धवला 6/ पृ. धवला 12/ पृ. आबाधा स्थिति पंचसंग्रह / प्राकृत/ गा. गुणस्थान विवरण धवला 6/ पृ. गोम्मटसार मूल आबाधा स्थिति धवला 6/ पृ. पंचसंग्रह/प्राकृत/गाथा विवरण
34 पर्याप्त 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7 सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
35 अपर्याप्त 172 493 1 18 431 1 मनु.व ति.संज्ञी पंचे.प. 190 अंतर्मुहूर्त 2/7 सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
36 स्थिर 162 493 1 10 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7 सा.* 193 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
37 अस्थिर 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7 सा.* 193 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
38 आदेय 162 493 1 10 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7 सा.* 193 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
39 अनादेय 163 492 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 अंतर्मुहूर्त 2/7 सा.* 193 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
40 यश:कीर्ति 162 493 1 10 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 198 अंतर्मुहूर्त 8 मुहूर्त 198 433 सू.सा.क्षपक का अंतिम समय
41 अयश:कीर्ति 163 492 1 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 2/7 सा.* 192 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.पर्या.
42 तीर्थंकरत्व 174 495 अंत: अंतर्मुहूर्त 427 4 अविरत सम्यग्दृष्टि 197 अंतर्मुहूर्त अंत.को.को.सा. 197 433 अपू.क्षपक का 1-7 भाग तक
(7) गोत्र-
क्र. प्रकृति धवला 6/ पृ. धवला 12/ पृ. आबाधा स्थिति पंचसंग्रह / प्राकृत/ गा. गुणस्थान विवरण धवला 6/ पृ. गोम्मटसार मूल आबाधा स्थिति धवला 6/ पृ. पंचसंग्रह/प्राकृत/गाथा विवरण
मूल 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश अंतर्मुहूर्त 8 मुहूर्त
1 उच्च 162 497 1 10 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 198 अंतर्मुहूर्त 8 मुहूर्त 189 433 सू.सा.क्षपक का अंतिम समय
2 नीच 163 497 2 20 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 190 2/7 सा.* 190 434 सर्व विशुद्ध बा.एके.प.
(8) अंतराय-
मूल 486 3 30 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश अंतर्मुहूर्त अंतर्मुहूर्त 433 सू.सा.क्षपक का अंतिम समय
पाँचों 146 3 30 432 1 चारों गति के उ.म.संक्लेश 182 अंतर्मुहूर्त अंतर्मुहूर्त 183 433 सू.सा.क्षपक का अंतिम समय
संकेत-* पल्य के असं.से हीन
 

2. इंद्रिय मार्गणा की अपेक्षा प्रकृतियों का उ.ज.स्थिति की सारणी - ( राजवार्तिक/8/14-20 ); ( महाबंध 2/24/17-29 ); ( धवला 6/196 )।

क्र. प्रकृति एकेंद्रिय द्वींद्रिय त्रींद्रिय चतुरिंद्रिय असंज्ञी पंचेंद्रिय संज्ञी पंचेंद्रिय
उत्कृष्ट जघन्य उत्कृष्ट जघन्य उत्कृष्ट जघन्य उत्कृष्ट जघन्य उत्कृष्ट जघन्य उत्कृष्ट जघन्य
सागर सागर सागर सागर सागर सागर सागर सागर सागर सागर सागर अंतर्मुहूर्त
1 ज्ञानावरणीय 3/7 3/7-पल्य/सं. 75/7 75/7-पल्य/सं. 150/7 -पल्य/सं. 300/7 -पल्य/सं. 3000/7 -पल्य/सं. 30 को.को. 1
2 दर्शनावरणीय 3/7 3/7-पल्य/सं. 75/7 75/7-पल्य/सं. 150/7 -पल्य/सं. 300/7 -पल्य/सं. 3000/7 -पल्य/अ. 30 को.को. 1
3 वेदनीय 3/7 3/7-पल्य/सं. 75/7 75/7-पल्य/सं. 150/7 -पल्य/सं. 300/7 -पल्य/सं. 3000/7 -पल्य/सं. 30 को.को. 12
4 दर्शनमोहनीय 1 1-पल्य/सं. 25 25-पल्य/सं. 50 50-पल्य/सं. 100 100-पल्य/सं. 1000 1000-पल्य/सं. 70 को.को. 1
कषाय मोहनीय 4/7 4/7-पल्य/सं. 100/7 100/7-पल्य/सं. 200/7 200/7-पल्य/सं. 400/7 400/7-पल्य/सं. 4000/7 -पल्य/सं. 40 को.को. 1
नोकषाय मोहनीय 2/7 2/7-पल्य/सं. 50/7 50/7-पल्य/सं. 100/7 100/7-पल्य/सं. 200/7 200/7-पल्य/सं. 2000/7 -पल्य/सं. 40 को.को. 1
5 आयु - - - - देखें आयु - - - - - -
6 नाम 2/7 -पल्य/सं. 50/7 -पल्य/सं. 100/7 --पल्य/सं. 200/7 2-पल्य/सं. 2000/7 -पल्य/सं. 20 को.को. 8
7 गोत्र 2/7 -पल्य/सं. 50/7 -पल्य/सं. 100/7 --पल्य/सं. 200/7 2-पल्य/सं. 2000/7 -पल्य/सं. 20 को.को. 8
8 अंतराय 3/7 3/7-पल्य/सं. 75/7 75/7-पल्य/सं. 150/7 -पल्य/सं. 300/7 -पल्य/सं. 3000/7 -पल्य/सं. 30 को.को. 1


3. उत्कृष्ट व जघन्य स्थिति, प्रदेश व अनुभाग के बंधकों की प्ररूपणा-

 1. सारणी में प्रयुक्त संकेतों का अर्थ
  1. मारणांतिक समुद्घात रहित सप्तम पृथिवी की 500 धनुष अवगाहना वाला अंतिम समयवर्ती गुणित कर्मांशिक नारकी।
  2. सप्तम पृथिवी के प्रति मारणांतिक समुद्घात गत महामत्स्य।
  3. सूक्ष्म सांपराय के अंतिम समय तथा आगे के सर्वस्थान।
  4. द्विचरम वा त्रिचरम समय के पहले अंतर्मुहूर्त काल तक स्थित सप्तम पृथिवी का मिथ्यादृष्टि नारकी।
  5. लोकपूर्ण समुद्घात गत केवली।
  6. पूर्वकोटि के त्रिभाग प्रमाण आयु की आबाधा करके सप्तम नरक की आयु बाँधने वाला महामत्स्य।
  7. उत्कृष्ट मनुष्यायु सहित आयु बंध के प्रथम समय गत प्रमत्त संयत/7-11 गुणस्थान मनुष्य यदि पूर्व कोटि के त्रिभाग में देवायु को बाँधे।
  8. त्रिसमयवर्ती आहारक व तद्भवस्थ होने के तृतीय समय में वर्तमान जघन्य योगवाला सूक्ष्म निगोद लब्ध्यपर्याप्त जीव।
  9. क्षपित कर्मांशिक क्षीणकषायी 12वें गुणस्थान के अंतिम समयवर्ती संयत।
  10. चरम समयवर्ती क्षपित कर्मांशिक अयोग केवली।
  11. चरम समयवर्ती सामान्य कर्मांशिक अयोग केवली।
  12. असाता वेदनीय के उदय सहित क्षपक श्रेणी पर चढ़ा हुआ अंतिम समयवर्ती अयोग केवली।
  13. संज्ञी पंचेंद्रिय पर्याप्तक 500 धनुष अवगाहना वाला यदि तिर्यंच आयु बाँधे, नारकी जीव तेतीस सागर के भीतर असं-गुणहानियों को गलाकर दीपशिखाकार से स्थित। ( धवला 12/462/17 )।
  14. तिर्यंचायु बाँधने वाला अपर्याप्त।
  15. क्षपित कर्मांशिक सर्वविशुद्ध सूक्ष्म निगोद त्रि चरमसमय स्थित।
  16. बादर तेज व वायुकायिक पर्याप्त।
 

धवला 12/4,2,13,7/ पृ.सं.

प्रकृति द्रव्य

प्रदेशबंध

क्षेत्र

बंधक जीव की अवगाहना

काल

बंध की स्थिति

भाव

अनुभाग

प्रमाण ज. उ. प्रमाण ज. उ. प्रमाण ज. उ. प्रमाण ज. उ.
ज्ञानावरणी 377-446 9 1 381 8 2 387 9 1 391 9 4
दर्शनावरणी 395 9 1 395 8 2 395 9 1 395 9 4
वेदनीय 396-446 10 1 397 8 5 401 11 1 402 12 3
मोहनीय 395 9 1 395 8 2 395 9 1 395 9 4
आयु 405 13 6 405 8 5 409 10 7 411 14 7
नाम 404 11 1 404 8 5 404 11 1 404 15 3
गोत्र 404 11 1 404 8 5 404 11 1 404 16 3
अंतराय 395 9 1 395 8 2 395 9 1 395 9 4

4. अन्य प्ररूपणाओं संबंधी सूची-(म.बं./पृ.सं./ )

क्रं. प्रकृति मूल वा उत्तर विषय भिन्न-भिन्न पदों की अपेक्षा प्रमाण संख्यात भागआदि वृद्धि
ज.उ.स्थिति भुजगारादि पद
1 अष्ट कर्म मूल सन्निकर्ष 2/
भंग विचय 3/ 2/ 2/
उत्तर सन्निकर्ष 3/
भंगविचय 3/ 3/ 3/
नोट-साता असाता के द्वि त्रि चतु.स्थानीय अनुभाग बंधक जीवों की अपेक्षा ज.उ.स्थिति बंध का स्वामित्व व उनका अल्पबहुत्व = ( धवला 11/316-332 )


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