खमाली

From जैनकोष



एक तापस । कनकेशी इसकी स्त्री और मृगशृंग इसका पुत्र था । चंद्राभ विद्याधर को देखकर इसने विद्याधर होने का निदान किया । इसके फलस्वरूप यह मरकर राजा वज्रदंष्ट्र का विद्युद्दंष्ट्र नामक पुत्र हुआ । हरिवंशपुराण 27.119-121


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