चतुर्थ शुक्लध्यान

From जैनकोष



शुक्लध्यान के चार भेदों में चौथा भेद― व्युपरतक्रिया-नियति । योग केवली गुणस्थान में योगों का पूर्ण निरोध हो जाना-मुक्त अवस्था को पा लेना । महापुराण 63.498


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