इस जीवको, यों समझाऊं री!

From जैनकोष

इस जीवको, यों समझाऊं री!
अरस अफरस अगंध अरूपी, चेतन चिन्ह बताऊं री ।।इस. ।।१ ।।
तत तत तत तत, थेई थेई थेई थेई तन नन री री गाऊं री ।।इस. ।।२ ।।
`द्यानत' सुमत कहै सखियनसों, `सोहं' सीख सीखाऊं री ।।इस. ।।३ ।।