ग्रन्थ:सर्वार्थसिद्धि - अधिकार 3 - सूत्र 14
From जैनकोष
392. तेषां मध्ये लब्धास्पदा ह्रदा उच्यन्ते-
392. इन पर्वतों के मध्य में जो तालाब हैं उनका कथन करने के लिए आगे का सूत्र कहते हैं-
पद्ममहापद्मतिगिञ्छकेसरिमहापुण्डरीकपुण्डरीका ह्रदास्तेषामुपरि ।।14।।
इन पर्वतों के ऊपर क्रम से पद्म, महापद्म, तिगिंछ, केसरी, महापुण्डरीक और पुण्डरीक - ये तालाब हैं ।।14।।
393. पद्मो महापद्मस्तिगिञ्छः केसरी महापुण्डरीकः पुण्डरीक इति तेषां हिमवदादीनामुपरि यथाक्रममेते ह्रदा वेदितव्याः।
393. पद्म, महापद्म, तिगिंच्छ, केसरी, महापुण्डरीक और पुण्डरीक - ये छह तालाब हैं जो उन हिमवान् आदि पर्वतों पर क्रमसे जानना चाहिए।