चंद्रगिरि

From जैनकोष

श्रवणबेलगोला में दो पर्वत स्थित हैं–एक विंध्य और दूसरा चंद्रगिरि। इस पर्वतपर आचार्य भद्रबाहु द्वितीय और उनके शिष्य चंद्रगुप्त (सम्राट) की समाधि हुई थी।


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