• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

चंद्रप्रभ

From जैनकोष



Contents

  • 1 सिद्धांतकोष से
  • 2 सामान्य परिचय
  • 3 पूर्व भव सम्बंधित तथ्य
  • 4 गर्भ-जन्म कल्याणक सम्बंधित तथ्य
  • 5 दीक्षा कल्याणक सम्बंधित तथ्य
  • 6 ज्ञान कल्याणक सम्बंधित तथ्य
  • 7 निर्वाण कल्याणक सम्बंधित तथ्य
  • 8 समवशरण सम्बंधित तथ्य
  • 9 आयु विभाग
  • 10 तीर्थ संबंधी तथ्य
  • 11 पुराणकोष से

सिद्धांतकोष से


सामान्य परिचय

तीर्थंकर क्रमांक 8
चिह्न अर्धचन्‍द्र
पिता महासेन
माता लक्ष्‍मणा
वंश इक्ष्‍वाकु
उत्सेध (ऊँचाई) 150 धनुष
वर्ण धवल
आयु 10 लाख पूर्व

पूर्व भव सम्बंधित तथ्य

पूर्व मनुष्य भव पद्मनाभ
पूर्व मनुष्य भव में क्या थे मण्‍डलेश्‍वर
पूर्व मनुष्य भव के पिता अरिन्‍दम
पूर्व मनुष्य भव का देश, नगर धात.वि.रत्‍नसंचय
पूर्व भव की देव पर्याय वैजयन्‍त

गर्भ-जन्म कल्याणक सम्बंधित तथ्य

गर्भ-तिथि चैत्र कृष्ण 5
गर्भ-नक्षत्र ...
गर्भ-काल पिछली रात्रि
जन्म तिथि पौष कृष्ण 11
जन्म नगरी चन्‍द्रपुर
जन्म नक्षत्र अनुराधा
योग शक्र

दीक्षा कल्याणक सम्बंधित तथ्य

वैराग्य कारण तड़िद्
दीक्षा तिथि पौष कृष्ण 11
दीक्षा नक्षत्र अनुराधा
दीक्षा काल अपराह्न
दीक्षोपवास तृतीय उप.
दीक्षा वन सर्वार्थ
दीक्षा वृक्ष नाग
सह दीक्षित 1000

ज्ञान कल्याणक सम्बंधित तथ्य

केवलज्ञान तिथि फाल्गुन कृष्ण 7
केवलज्ञान नक्षत्र अनुराधा
केवलोत्पत्ति काल अपराह्न
केवल स्थान चन्‍द्रपुरी
केवल वन सर्वार्थ
केवल वृक्ष नाग

निर्वाण कल्याणक सम्बंधित तथ्य

योग निवृत्ति काल 1 मास पूर्व
निर्वाण तिथि भाद्र.शुक्ल 7
निर्वाण नक्षत्र ज्‍येष्‍ठा
निर्वाण काल पूर्वाह्न
निर्वाण क्षेत्र सम्‍मेद

समवशरण सम्बंधित तथ्य

समवसरण का विस्तार 8 1/2
सह मुक्त 1000
पूर्वधारी 4000
शिक्षक 210400
अवधिज्ञानी 2000
केवली 18000
विक्रियाधारी 600
मन:पर्ययज्ञानी 8000
वादी 7000
सर्व ऋषि संख्‍या 250000
गणधर संख्‍या 93
मुख्‍य गणधर वैदर्भ
आर्यिका संख्‍या 380000
मुख्‍य आर्यिका वरुना
श्रावक संख्‍या 300000
मुख्‍य श्रोता मघवा
श्राविका संख्‍या 500000
यक्ष अजित
यक्षिणी मनोवेगा

आयु विभाग

आयु 10 लाख पूर्व
कुमारकाल 2.5 लाख पूर्व
विशेषता मण्‍डलीक
राज्‍यकाल 61/2.5 लाख पूर्व+24 पूर्वांग
छद्मस्‍थ काल 3 मास
केवलिकाल 1 लाख पू..–(24 पूर्वांग 3 मास)

तीर्थ संबंधी तथ्य

जन्मान्तरालकाल 900 करोड़ सागर +10 लाख पू.
केवलोत्पत्ति अन्तराल 90 करोड़ सागर +4 पूर्वांग 3 3/4 वर्ष
निर्वाण अन्तराल 90 करोड़ सागर
तीर्थकाल 90 करोड़ सागर +4 पूर्वांग
तीर्थ व्‍युच्छित्ति ❌
शासन काल में हुए अन्य शलाका पुरुष
चक्रवर्ती ❌
बलदेव ❌
नारायण ❌
प्रतिनारायण ❌
रुद्र ❌

( महापुराण/ श्लोक नं.)

पूर्वभव नं.7 में पुष्करद्वीप पूर्वमेरु के पश्चिम में सुगंधि देश के श्रीवर्मा नाम के राजा थे।73-76। पूर्वभव नं.6 में श्रीप्रभ विमान में श्रीधर नामक देव हुए।82। पूर्वभव नं.5 में धातकीखंड द्वीप पूर्वमेरु के भरत क्षेत्र में अलकादेशस्थ अयोध्या के अजितसेन नामक राजा हुए।96-97। पूर्वभव नं.4 में अच्युतेंद्र हुए।122-126। पूर्वभव नं.3 में पूर्वधातकीखंड में मंगलावती देश के रत्नसंचय नगर के पद्मनाभ नामक राजा हुए।143। पूर्वभव नं.2 में वैजयंत विमान में अहमिंद्र हुए।158-162। और वर्तमान भव में आठवें तीर्थंकर चंद्रप्रभुनाथ हुए–देखें तीर्थंकर - 5।



चंद्रप्रभ नामक श्वेतांबर आचार्य हुये हैं जो जयसिंह सूरि के शिष्य थे। आपने प्रमेयरत्नकोष तथा दर्शनशुद्धि नामक न्याय विषयक ये दो ग्रंथ लिखे हैं। समय ई.1102–(न्यायावतार/प.4/सतीशचंद्र विद्याभूषण)।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ


पुराणकोष से

मथुरा नगरी का राजा । इसकी दो रानियाँ थी― धरा और कनकप्रभा । धरा से इसके आठ पुत्र हुए थे― श्रीमुख, सम्मुख, सुमुख, इंद्रमुख, प्रभामुख, उग्रमुख, अर्कमुख और अपरमुख । दूसरी रानी कनकप्रभा से अचल नाम का एक पुत्र हुआ था । महापुराण 91.19-21


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=चंद्रप्रभ&oldid=125055"
Categories:
  • च
  • पुराण-कोष
  • प्रथमानुयोग
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 27 November 2023, at 14:42.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki