परमाथ पंथ सदा पकरौ

From जैनकोष

परमाथ पंथ सदा पकरौ
कै अरचा परमेश्वरजीकी, कै चरचा गुन चित्त धरौ।।परमारथ. ।।१ ।।
जप तप संजम दान छिमा करि, परधन परतिय देख डरौ।।परमारथ.।।२ ।।
`द्यानत' ज्ञान यही है चोखा, ध्यानसुधामृत पान करौ।।परमारथ.।।३ ।।