यारी कीजै साधो नाल

From जैनकोष

यारी कीजै साधो नाल
आपद मेटै सम्पद भैंटे, बेपरवाह कमाल।।यारी. ।।१ ।।
परदुख दुखी सुखी निज सुखसों, तन छीने मन लाल।।यारी.।।२ ।।
राह लगावै ज्ञान जगावै, `द्यानत' दीनदयाल।।यारी.।।३ ।।