सुनो! जैनी लोगो, ज्ञानको पंथ कठिन है

From जैनकोष

सुनो! जैनी लोगो, ज्ञानको पंथ कठिन है
सब जग चाहत है विषयनिको, ज्ञानविषैं अनबन है।।सुनो. ।।
राज काज जग घोर तपत है जूझ मरैं जहा रन है ।
सो तो राज हेय करि जानैं, जो कौड़ी गाँठ न है ।।सुनो. ।।१ ।।
कुवचन बात तनकसी ताको, सह न सकै जग जन है ।
सिर पर आन चलावैं आरे, दोष न करना मन है ।।सुनो. ।।२ ।।
ऊपरकी सब थोथी बातैं, भावकी बातैं कम है ।
`द्यानत' शुद्ध भाव है जाके, सो त्रिभुवनमें धन है ।।सुनो. ।।३ ।।